कृपया अपनी यात्रा से पहले अपना वाउचर प्रिंट करना न भूलें।
अपर बेल्वेदियर कितने बजे खुलता है?
यह रोज़ाना सुबह 9:00 बजे – शाम 7:00 बजे तक खुला रहता है, सप्ताहांत सहित। (नोट: कुछ स्रोत शाम 6:00 बजे बंद होने का उल्लेख करते हैं; आधिकारिक गैलरी साइट शाम 7:00 बजे की पुष्टि करती है।)
यह कहाँ स्थित है?
यह वियना के 3rd जिले में प्रिंज-यूजेन-स्त्रासे 27 पर स्थित है। अपर बेल्वेदियर औपचारिक बारोक उद्यानों के ऊपर से भव्य रूप से दिखाई देता है। पास ही लोअर बेल्वेदियर, रेनवेग 6 पर स्थित है।
आपको कितने समय तक घूमने की योजना बनानी चाहिए, और सबसे अच्छा समय कौन सा है?
महल के स्टेट रूम्स और आर्ट गैलरीज़ का दौरा करने में लगभग 1.5 से 2 घंटे का समय रखें। देर शाम या शुरुआती शाम के समय आने पर कम भीड़ होती है और कमरे खूबसूरती से रोशन नजर आते हैं।
इतिहास & उद्देश्य
महल से संग्रहालय तक
1723 में पूरा हुआ, अपर बेल्वेदियर मूल रूप से प्रिंस यूजेन का औपचारिक निवास था। यह 1777 में एक सार्वजनिक संस्था में परिवर्तित हो गया, जब महारानी मारिया थेरेसा ने इंपीरियल पिक्चर गैलरी को आगंतुकों के लिए खोला—उस दौर के लिए यह एक दुर्लभ बात थी।
संग्रहालय का विकास
सदी के मध्य में उपयोग से बाहर होने के बाद, अपर बेल्वेदियर अब ऑस्ट्रियाई कला के संग्रहों को रखने लगा, जिनमें गुस्ताव क्लिम्ट की विश्व की सबसे बड़ी कृतियों का संग्रह भी शामिल है। आज यह मध्यकालीन समय से लेकर 20वीं सदी की शुरुआती अवधि तक की कलाकृतियाँ प्रस्तुत करता है।
अंदर आप क्या उम्मीद कर सकते हैं
- स्टेट हॉल्स & चैपल: बारोक वास्तुकला का आनंद लें, जिसमें पैलेस चैपल भी शामिल है, जो सोने और संगमरमर से सजे फ्रेस्को से अलंकृत है।
- आर्ट की मुख्य झलकियाँ: क्लिम्ट की The Kiss, Judith I जैसी प्रतिष्ठित कृतियाँ, और शिएले व कोकोशका के प्रमुख कार्य ऑस्ट्रिया की सांस्कृतिक विरासत पर रोशनी डालते हैं।
- ऐतिहासिक इंस्टॉलेशन्स: आकर्षक प्रदर्शन वियना की कला-इतिहास की यात्रा कराते हैं—मध्य युग से लेकर पुनर्जागरण और उससे आगे तक।
मुख्य आकर्षण
- क्लिम्ट कलेक्शन: दुनिया में क्लिम्ट का सबसे बड़ा समूह।
- गार्डन व्यूज़: अच्छी तरह से सँवारे गए बारोक उद्यानों और झरते हुए टेरेसों को देखें, जिन्हें शाम की धुंधलके के समय सबसे बेहतर अनुभव किया जा सकता है।
- सांस्कृतिक परिवर्तनकारी पहल: उन शुरुआती गैलरीज़ में से एक, जिन्हें शाही हॉल्स से बदलकर आम जनता के लिए खुला संग्रहालय बनाया गया।